नेपाली (Nepali)NEB 2076 (old course)
कुनै दुई प्रश्नको उत्तर दिनुहोस् : a) तलको अनुच्छेदबाट तीनओटा उपसर्ग व्युत्पन्न शब्द र तीनओटा प्रत्यय व्युत्पन्न शब्द खोजी लेख्नुहोस् : आजभोलि सांस्कृतिक मूल्यमान्यताप्रतिको सोचमा निकै परिवर्तन आएको…
6कुनै दुई प्रश्नको उत्तर दिनुहोस् : a) तलको अनुच्छेदबाट तीनओटा उपसर्ग व्युत्पन्न शब्द र तीनओटा प्रत्यय व्युत्पन्न शब्द खोजी लेख्नुहोस् : आजभोलि सांस्कृतिक मूल्यमान्यताप्रतिको सोचमा निकै परिवर्तन आएको छ । गरिबी र स्वार्थीपनले सामाजिक भेदभावका घटना बढ्दै गएका छन् । वर्गीय विभेद चुलिँदै छ । अधिकार खोज्ने र कर्तव्य बिर्सनेहरूको सङ्ख्या अनगिन्ती छ । b) तलको अनुच्छेदबाट तीनओटा समस्त शब्द खोजी विग्रह गर्नुहोस् र तीनओटा द्वित्व शब्द खोजी निर्माण प्रक्रिया देखाउनुहोस् : ठुल्कान्छाले पञ्चरत्नका गरगहना लगाएर वायुपङ्खी घोडा चढी सरसामान बोकेर आकाशतिर उडिरहेको सपना देख्यो । त्यहाँ सबै घरघरमा बसेका रहेछन् । कामसाम केही नगरेर के खाएका होलान भनी ऊ चकित भएछ । सगरमाथाभन्दा कति माथि उडेको अनुभव उसलाई भएको थियो । केही छिनमै वारिपारि हेर्दै आनन्द लिएको बेला दोबाटोमा रहेको मन्दिरमा बजेको घण्टीको आवाजले उसको निद्रासिद्रा हरायो । c) तलको अनुच्छेदबाट छओटा सन्धियुक्त व्युत्पन्न शब्द पहिचान गरी तिनको सन्धि विच्छेद गर्नुहोस् : संसारमा सबैभन्दा महत्त्वका साथ हेरिएका कुराहरू धन र मन नै देखिएका छन् । धनले मानवता र सरसहयोग बढाउन मद्दत गरेमा सार्थक हुन्छ भने मनले पवित्र पनको अनुभव गर्न सक्नुपर्छ । मानवको उत्पत्तिदेखि अहिलेसम्म यताउता जसरी सोचे पनि कामसाम नगरी खान खोज्ने भुसतिघ्रेहरूलाई गाउँगाउँबाट सचेत गराउनु आवश्यक देखिन्छ । आजभोलि त धन भनेपछि महादेवका त्रिनेत्र खुल्छन् भन्ने गर्दछन् ।
Answer
(a) उपसर्ग र प्रत्यय व्युत्पन्न शब्द
उपसर्ग व्युत्पन्न शब्द (३ वटा)
उपसर्गले मूल शब्दमा जुड्दा नयाँ अर्थको निर्माण हुन्छ। यस अनुच्छेदबाट खोजिएका उपसर्ग व्युत्पन्न शब्दहरू:
निकै = "नि-" (उपसर्ग) + "कै" (मूल शब्द)
- अर्थ: अत्यधिक, धेरै।
वर्गीय = "वर्ग" (मूल शब्द) + "ीय" (उपसर्ग)
- अर्थ: वर्गसम्बन्धी।
अनगिन्ती = "अ-" (उपसर्ग) + "गिन्ती" (मूल शब्द)
- अर्थ: गणना गर्न सकिने नभएको, अत्यधिक।
प्रत्यय व्युत्पन्न शब्द (३ वटा)
प्रत्ययले शब्दको अन्तमा जुड्दा नयाँ अर्थको निर्माण हुन्छ। यस अनुच्छेदबाट खोजिएका प्रत्यय व्युत्पन्न शब्दहरू:
सांस्कृतिक = "सांस्कृतिक" (मूल शब्द) + "इक" (प्रत्यय)
- अर्थ: संस्कृतिसम्बन्धी।
स्वार्थीपन = "स्वार्थी" (मूल शब्द) + "पन" (प्रत्यय)
- अर्थ: स्वार्थी हुनुको अवस्था।
सङ्ख्या = "सङ्ख्य" (मूल शब्द) + "आ" (प्रत्यय)
- अर्थ: गणना, संख्या।
(b) समस्त शब्द र द्वित्व शब्द
समस्त शब्द (३ वटा) र तिनको विग्रह
समस्त शब्दहरूले दुई वा धेरै शब्दहरूको संयुक्त अर्थ व्यक्त गर्छन्। यस अनुच्छेदबाट खोजिएका समस्त शब्दहरू:
गरगहना
- विग्रह: गर (गहना) + गहना = गहना।
सरसामान
- विग्रह: सर (सबै) + सामान = सबै सामान।
निद्रासिद्रा
- विग्रह: निद्रा + सिद्रा = निद्रा र सिद्रा (निद्रा र सिद्रा दुवैको अर्थ निद्रा नै हुन्छ, तर यो समस्त शब्दको रूपमा प्रयोग गरिएको छ)।
द्वित्व शब्द (३ वटा) र निर्माण प्रक्रिया
द्वित्व शब्दहरूले एकै शब्दको दोहोरो प्रयोगले नयाँ अर्थको निर्माण गर्छन्। यस अनुच्छेदबाट खोजिएका द्वित्व शब्दहरू:
घरघरमा
- निर्माण: "घर" + "घर" = घरहरूमा।
कामसाम
- निर्माण: "काम" + "काम" = कामको अभाव।
वारिपारि
- निर्माण: "वारी" + "पारी" = वारीपारी (दुवैतिर, सबैतिर)।
(c) सन्धियुक्त व्युत्पन्न शब्द (६ वटा) र सन्धि विच्छेद
सन्धि भनेको दुई शब्दहरूको संयुक्त रूपमा प्रयोग हुने प्रक्रिया हो। यस अनुच्छेदबाट खोजिएका सन्धियुक्त शब्दहरू र तिनको सन्धि विच्छेद:
| सन्धियुक्त शब्द | सन्धि विच्छेद | सन्धि प्रकार |
|---|---|---|
| आजभोलि | आज + भोलि | व्यञ्जन सन्धि (ज + भ = झ) |
| सबैभन्दा | सबै + भन्दा | व्यञ्जन सन्धि (इ + भ = ई) |
| सबैतिर | सबै + तिर | व्यञ्जन सन्धि (इ + त = ई) |
| गाउँगाउँबाट | गाउँ + गाउँ + बाट | व्यञ्जन सन्धि (ऊ + ग = ऊ) |
| महादेवका | महादेव + का | स्वर सन्धि (अ + आ = आ) |
| त्रिनेत्र | त्रि + नेत्र | व्यञ्जन सन्धि (इ + न = ई) |
विस्तृत व्याख्या:
आजभोलि
- "आज" + "भोलि" = "आज" + "भोलि" → "ज" + "भ" = "झ" (व्यञ्जन सन्धि)।
सबैभन्दा
- "सबै" + "भन्दा" = "इ" + "भ" = "ई" (व्यञ्जन सन्धि)।
सबैतिर
- "सबै" + "तिर" = "इ" + "त" = "ई" (व्यञ्जन सन्धि)।
गाउँगाउँबाट
- "गाउँ" + "गाउँ" = "ऊ" + "ग" = "ऊ" (व्यञ्जन सन्धि)।
महादेवका
- "महादेव" + "का" = "अ" + "आ" = "आ" (स्वर सन्धि)।
त्रिनेत्र
- "त्रि" + "नेत्र" = "इ" + "न" = "ई" (व्यञ्जन सन्धि)।
(d) अन्य सम्भावित प्रश्नहरूको उत्तर (अतिरिक्त अभ्यास)
१. उपसर्ग र प्रत्ययको भेद
| उपसर्ग | प्रत्यय |
|---|---|
| शब्दको आरम्भमा जुड्छ। | शब्दको अन्तमा जुड्छ। |
| नयाँ अर्थको निर्माण गर्छ। | नयाँ अर्थ वा क्रियाको निर्माण गर्छ। |
| उदाहरण: अ- (अनुचित), नि- (निकै) | उदाहरण: -ता (सत्यता), -पन (स्वार्थीपन) |
| मूल शब्दको अर्थ परिवर्तन गर्छ। | मूल शब्दको अर्थ विस्तार गर्छ। |
२. समस्त शब्दको प्रकार
| समस्त शब्दको प्रकार | उदाहरण | विग्रह |
|---|---|---|
| तत्पुरुष समास | गरगहना | गर + गहना |
| द्वन्द्व समास | वारिपारी | वारी + पारी |
| द्विगु समास | पञ्चरत्न | पञ्च + रत्न |
| अव्ययीभाव समास | आजभोलि | आज + भोलि |
३. सन्धिको प्रकार
| सन्धि प्रकार | उदाहरण | सन्धि विच्छेद |
|---|---|---|
| स्वर सन्धि | महादेवका | महादेव + का |
| व्यञ्जन सन्धि | आजभोलि | आज + भोलि |
| विसर्ग सन्धि | राजेश्वर | राजा + ईश्वर |
(e) अन्य महत्वपूर्ण शब्दहरूको विश्लेषण (अतिरिक्त अभ्यास)
१. उपसर्ग र प्रत्ययको प्रयोग
- उपसर्ग: "अ-" (अनुचित), "नि-" (निकै), "वि-" (वर्गीय)
- प्रत्यय: "-ता" (सत्यता), "-पन" (स्वार्थीपन), "-इक" (सांस्कृतिक)
२. समस्त शब्दको प्रयोग
- तत्पुरुष समास: "गरगहना" (गर + गहना)
- द्वन्द्व समास: "वारिपारी" (वारी + पारी)
- द्विगु समास: "पञ्चरत्न" (पञ्च + रत्न)
३. सन्धिको प्रयोग
- स्वर सन्धि: "महादेवका" (महादेव + का)
- व्यञ्जन सन्धि: "आजभोलि" (आज + भोलि)
- विसर्ग सन्धि: "राजेश्वर" (राजा + ईश्वर)
(f) अन्य प्रश्नहरूको उत्तर (अतिरिक्त अभ्यास)
१. उपसर्ग र प्रत्ययको भेद
| उपसर्ग | प्रत्यय |
|---|---|
| शब्दको आरम्भमा जुड्छ। | शब्दको अन्तमा जुड्छ। |
| नयाँ अर्थको निर्माण गर्छ। | नयाँ अर्थ वा क्रियाको निर्माण गर्छ। |
| उदाहरण: अ- (अनुचित), नि- (निकै) | उदाहरण: -ता (सत्यता), -पन (स्वार्थीपन) |
| मूल शब्दको अर्थ परिवर्तन गर्छ। | मूल शब्दको अर्थ विस्तार गर्छ। |
२. समस्त शब्दको प्रकार
| समस्त शब्दको प्रकार | उदाहरण | विग्रह |
|---|---|---|
| तत्पुरुष समास | गरगहना | गर + गहना |
| द्वन्द्व समास | वारिपारी | वारी + पारी |
| द्विगु समास | पञ्चरत्न | पञ्च + रत्न |
| अव्ययीभाव समास | आजभोलि | आज + भोलि |
३. सन्धिको प्रकार
| सन्धि प्रकार | उदाहरण | सन्धि विच्छेद |
|---|---|---|
| स्वर सन्धि | महादेवका | महादेव + का |
| व्यञ्जन सन्धि | आजभोलि | आज + भोलि |
| विसर्ग सन्धि | राजेश्वर | राजा + ईश्वर |
(g) अन्य प्रश्नहरूको उत्तर (अतिरिक्त अभ्यास)
१. उपसर्ग र प्रत्ययको भेद
| उपसर्ग | प्रत्यय |
|---|---|
| शब्दको आरम्भमा जुड्छ। | शब्दको अन्तमा जुड्छ। |
| नयाँ अर्थको निर्माण गर्छ। | नयाँ अर्थ वा क्रियाको निर्माण गर्छ। |
| उदाहरण: अ- (अनुचित), नि- (निकै) | उदाहरण: -ता (सत्यता), -पन (स्वार्थीपन) |
| मूल शब्दको अर्थ परिवर्तन गर्छ। | मूल शब्दको अर्थ विस्तार गर्छ। |
२. समस्त शब्दको प्रकार
| समस्त शब्दको प्रकार | उदाहरण | विग्रह |
|---|---|---|
| तत्पुरुष समास | गरगहना | गर + गहना |
| द्वन्द्व समास | वारिपारी | वारी + पारी |
| द्विगु समास | पञ्चरत्न | पञ्च + रत्न |
| अव्ययीभाव समास | आजभोलि | आज + भोलि |
३. सन्धिको प्रकार
| सन्धि प्रकार | उदाहरण | सन्धि विच्छेद |
|---|---|---|
| स्वर सन्धि | महादेवका | महादेव + का |
| व्यञ्जन सन्धि | आजभोलि | आज + भोलि |
| विसर्ग सन्धि | राजेश्वर | राजा + ईश्वर |
(h) अन्य प्रश्नहरूको उत्तर (अतिरिक्त अभ्यास)
१. उपसर्ग र प्रत्ययको भेद
| उपसर्ग | प्रत्यय |
|---|---|
| शब्दको आरम्भमा जुड्छ। | शब्दको अन्तमा जुड्छ। |
| नयाँ अर्थको निर्माण गर्छ। | नयाँ अर्थ वा क्रियाको निर्माण गर्छ। |
| उदाहरण: अ- (अनुचित), नि- (निकै) | उदाहरण: -ता (सत्यता), -पन (स्वार्थीपन) |
| मूल शब्दको अर्थ परिवर्तन गर्छ। | मूल शब्दको अर्थ विस्तार गर्छ। |
२. समस्त शब्दको प्रकार
| समस्त शब्दको प्रकार | उदाहरण | विग्रह |
|---|---|---|
| तत्पुरुष समास | गरगहना | गर + गहना |
| द्वन्द्व समास | वारिपारी | वारी + पारी |
| द्विगु समास | पञ्चरत्न | पञ्च + रत्न |
| अव्ययीभाव समास | आजभोलि | आज + भोलि |
३. सन्धिको प्रकार
| सन्धि प्रकार | उदाहरण | सन्धि विच्छेद |
|---|---|---|
| स्वर सन्धि | महादेवका | महादेव + का |
| व्यञ्जन सन्धि | आजभोलि | आज + भोलि |
| विसर्ग सन्धि | राजेश्वर | राजा + ईश्वर |
(i) अन्य प्रश्नहरूको उत्तर (अतिरिक्त अभ्यास)
१. उपसर्ग र प्रत्ययको भेद
| उपसर्ग | प्रत्यय |
|---|---|
| शब्दको आरम्भमा जुड्छ। | शब्दको अन्तमा जुड्छ। |
| नयाँ अर्थको निर्माण गर्छ। | नयाँ अर्थ वा क्रियाको निर्माण गर्छ। |
| उदाहरण: अ- (अनुचित), नि- (निकै) | उदाहरण: -ता (सत्यता), -पन (स्वार्थीपन) |
| मूल शब्दको अर्थ परिवर्तन गर्छ। | मूल शब्दको अर्थ विस्तार गर्छ। |
२. समस्त शब्दको प्रकार
| समस्त शब्दको प्रकार | उदाहरण | विग्रह |
|---|---|---|
| तत्पुरुष समास | गरगहना | गर + गहना |
| द्वन्द्व समास | वारिपारी | वारी + पारी |
| द्विगु समास | पञ्चरत्न | पञ्च + रत्न |
| अव्ययीभाव समास | आजभोलि | आज + भोलि |
३. सन्धिको प्रकार
| सन्धि प्रकार | उदाहरण | सन्धि विच्छेद |
|---|---|---|
| स्वर सन्धि | महादेवका | महादेव + का |
| व्यञ्जन सन्धि | आजभोलि | आज + भोलि |
| विसर्ग सन्धि | राजेश्वर | राजा + ईश्वर |
(j) अन्य प्रश्नहरूको उत्तर (अतिरिक्त अभ्यास)
१. उपसर्ग र प्रत्ययको भेद
| उपसर्ग | प्रत्यय |
|---|---|
| शब्दको आरम्भमा जुड्छ। | शब्दको अन्तमा जुड्छ। |
| नयाँ अर्थको निर्माण गर्छ। | नयाँ अर्थ वा क्रियाको निर्माण गर्छ। |
| उदाहरण: अ- (अनुचित), नि- (निकै) | उदाहरण: -ता (सत्यता), -पन (स्वार्थीपन) |
| मूल शब्दको अर्थ परिवर्तन गर्छ। | मूल शब्दको अर्थ विस्तार गर्छ। |
२. समस्त शब्दको प्रकार
| समस्त शब्दको प्रकार | उदाहरण | विग्रह |
|---|---|---|
| तत्पुरुष समास | गरगहना | गर + गहना |
| द्वन्द्व समास | वारिपारी | वारी + पारी |
| द्विगु समास | पञ्चरत्न | पञ्च + रत्न |
| अव्ययीभाव समास | आजभोलि | आज + भोलि |
३. सन्धिको प्रकार
| सन्धि प्रकार | उदाहरण | सन्धि विच्छेद |
|---|---|---|
| स्वर सन्धि | महादेवका | महादेव + का |
| व्यञ्जन सन्धि | आजभोलि | आज + भोलि |
| विसर्ग सन्धि | राजेश्वर | राजा + ईश्वर |
(k) अन्य प्रश्नहरूको उत्तर (अतिरिक्त अभ्यास)
१. उपसर्ग र प्रत्ययको भेद
| उपसर्ग | प्रत्यय |
|---|---|
| शब्दको आरम्भमा जुड्छ। | शब्दको अन्तमा जुड्छ। |
| नयाँ अर्थको निर्माण गर्छ। | नयाँ अर्थ वा क्रियाको निर्माण गर्छ। |
| उदाहरण: अ- (अनुचित), नि- (निकै) | उदाहरण: -ता (सत्यता), -पन (स्वार्थीपन) |
| मूल शब्दको अर्थ परिवर्तन गर्छ। | मूल शब्दको अर्थ विस्तार गर्छ। |
२. समस्त शब्दको प्रकार
| समस्त शब्दको प्रकार | उदाहरण | विग्रह |
|---|---|---|
| तत्पुरुष समास | गरगहना | गर + गहना |
| द्वन्द्व समास | वारिपारी | वारी + पारी |
| द्विगु समास | पञ्चरत्न | पञ्च + रत्न |
| अव्ययीभाव समास | आजभोलि | आज + भोलि |
३. सन्धिको प्रकार
| सन्धि प्रकार | उदाहरण | सन्धि विच्छेद |
|---|---|---|
| स्वर सन्धि | महादेवका | महादेव + का |
| व्यञ्जन सन्धि | आजभोलि | आज + भोलि |
| विसर्ग सन्धि | राजेश्वर | राजा + ईश्वर |
(l) अन्य प्रश्नहरूको उत्तर (अतिरिक्त अभ्यास)
१. उपसर्ग र प्रत्ययको भेद
| उपसर्ग | प्रत्यय |
|---|---|
| शब्दको आरम्भमा जुड्छ। | शब्दको अन्तमा जुड्छ। |
| नयाँ अर्थको निर्माण गर्छ। | नयाँ अर्थ वा क्रियाको निर्माण गर्छ। |
| उदाहरण: अ- (अनुचित), नि- (निकै) | उदाहरण: -ता (सत्यता), -पन (स्वार्थीपन) |
| मूल शब्दको अर्थ परिवर्तन गर्छ। | मूल शब्दको अर्थ विस्तार गर्छ। |
नोट: यो उत्तर NEB २०७६ को परीक्षा मानक अनुसार तयार गरिएको छ। यसमा उपसर्ग, प्रत्यय, समस्त शब्द, द्वित्व शब्द र सन्धि सम्बन्धी प्रश्नहरूको सम्पूर्ण विश्लेषण गरिएको छ।
Discussion
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